सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बावजूद दुर्ग में हजारों जरूरतमंद हितग्राही पेंशन राशि से वंचित हैं। हालात ऐसे हैं कि अपनी फरियाद सुनाने के लिए लोगों को सड़क पर जनप्रतिनिधियों की गाड़ियां रोकनी पड़ रही हैं। बुधवार को शहर दौरे पर निकले पूर्व विधायक Arun Vora की गाड़ी को कुछ पीड़ित लोगों ने रोककर अपनी समस्या बताई और तत्काल मदद की मांग की।

मौके पर मौजूद एक दिव्यांग हितग्राही ने भावुक होकर बताया कि कई महीनों से उन्हें निराश्रित पेंशन की राशि नहीं मिली है। पेंशन बंद होने से दवा, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि जीवन-यापन पूरी तरह इसी सहायता राशि पर निर्भर है। पीड़ितों का दावा है कि दुर्ग जिले में तीन हजार से अधिक पात्र हितग्राही पेंशन भुगतान नहीं मिलने से परेशान हैं। समस्या के समाधान के लिए वे कई बार आवेदन दे चुके हैं और विभागीय कार्यालयों से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।


लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
लोगों की शिकायत सुनने के बाद अरुण वोरा ने मौके पर ही नगर निगम आयुक्त से चर्चा कर स्थिति की जानकारी दी और लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया। वोरा ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों को संबल देना है। यदि वृद्ध, निराश्रित और दिव्यांग नागरिकों को महीनों तक अपनी पेंशन के लिए भटकना पड़ रहा है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी
न्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए यह राशि जीवन का आधार है, उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रभावित हितग्राहियों की समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाने और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

