छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में लेटर बम और ऐप कांड अब बड़े राजनैतिक विस्फोट में तब्दील हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि बड़े नेताओं के अदृश्य दबाव के चलते अधिकृत इलेक्शन ऐप में बदलाव कर रातों-रात प्रदेश में 91वीं विधानसभा रिसाली नगर खड़ी कर दी गई। इस अभूतपूर्व और अलोकतांत्रिक कदम के बाद दुर्ग ग्रामीण और रिसाली के युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचित पदाधिकारियों ने सीधे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पूरी प्रक्रिया को अवैधानिक करार दिया है।

लेटर बम का साइड इफेक्ट या चुनावी फिक्सिंग?
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें रिसाली ब्लॉक को भिलाई में जोड़े जाने का विरोध कर उसे दुर्ग ग्रामीण में ही रखने को कहा गया था। इसकी शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तक पहुंची थी। आरोप है कि कथित दबाव के चलते इलेक्शन मैनेजमेंट ने बीच चुनाव में एक ऐसा रास्ता निकाला जिसने सबको हैरान कर दिया। फाइनल मैपिंग और परिसीमन पूरा होने के बाद, जब नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी (जिसकी अंतिम तिथि 29 जून से बढ़ाकर 5 जुलाई की गई), उसी दौरान चुपके से दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के दो टुकड़े कर दिए गए। पोर्टल पर दुर्ग ग्रामीण को एक अलग और ब्लॉक-6 रिसाली को एक बिल्कुल नई और अलग विधानसभा बना दिया गया।

दावेदार खुद को भी वोट नहीं दे पाएंगे, यह तकनीकी पेंच
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और निर्वाचित महासचिवों यशवंत देशमुख एवं पंकज सिंह ने शीर्ष नेतृत्व को भेजे गए पत्र में इस डिजिटल खेल के पीछे की आपत्तिजनक तथ्यों को उजाकर करते हुए बताया है कि नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दौर में रिसाली क्षेत्र के दावेदारों और मतदाताओं को भिलाई नगर या दुर्ग ग्रामीण में से किसी एक क्षेत्र को चुनकर वहां नामांकन भरने या मतदान करने का अधिकार दिया गया था। इसी नियम के आधार पर रिसाली के कई बड़े दावेदारों ने रणनीति के तहत भिलाई या दुर्ग ग्रामीण से अपने-अपने पर्चे दाखिल कर दिए। अब नामांकन जमा होने के बाद बीच रास्ते में बिना किसी दावा-आपत्ति का अवसर दिए भौगोलिक परिसीमन बदल दिया गया। इसका सीधा और व्यावहारिक नुकसान यह होगा कि रिसाली के दावेदार तकनीकी रूप से उस विधानसभा के वोटर ही नहीं रह जाएंगे जहां से उन्होंने फॉर्म भरा है। परिणाम यह होगा कि चुनाव लड़ रहे ये प्रत्याशी खुद को भी वोट नहीं कर पाएंगे!

रोज नया टास्क, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
राहुल गांधी और भूपेश बघेल को भेजे गए पत्र में युवा कांग्रेस के नेताओं ने सीधे आरोप लगाया है कि यूथ कांग्रेस का इलेक्शन मैनेजमेंट व्यक्ति विशेष और कुछ बड़े नेताओं के दबाव में आकर रोज नया टास्क जारी कर रहा है और चुनाव के प्रत्याशियों को अनावश्यक मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भौगोलिक स्थिति या परिसीमन में परिवर्तन करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक है। यदि रिसाली ब्लॉक और दुर्ग ग्रामीण ब्लॉक को पूर्ववत एक ही विधानसभा के अंतर्गत नहीं रखा गया, तो पूरे क्षेत्र के युवा कांग्रेस कार्यकर्ता इस निर्वाचन का पूर्णत: बहिष्कार करेंगे और सामूहिक रूप से अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।

