संगठनात्मक गतिविधियों और वैचारिक कार्यक्रमों को धार देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित स्मरण पखवाड़ा के तहत गुरुवार को दुर्ग में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। मीनाक्षी नगर स्थित चंद्राकर भवन में हुए इस सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, उनके संघर्ष और संगठन निर्माण में योगदान को याद करते हुए कार्यकर्ताओं से उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान और अलग झंडे की व्यवस्था का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा दिया और इसी संघर्ष में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने की जो सोच डॉ. मुखर्जी ने रखी थी, वह आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा, समाज सेवा और राजनीति तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। केंद्रीय मंत्री पद से सिद्धांतों के लिए इस्तीफा देना और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना करना उनके राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रमाण है।


सांसद विजय बघेल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन “राष्ट्र प्रथम” की भावना का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा आज उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्मरण पखवाड़ा के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की जिस कल्पना को सामने रखा था, वही आज विकसित भारत के संकल्प की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके त्याग, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान से परिचित कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि डॉ. मुखर्जी महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी चिंतक और प्रखर जननेता थे। उनका बलिदान देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
सम्मेलन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला संगठन प्रभारी नंदन जैन, पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू, महापौर अलका बाघमार, जिला महामंत्री दिलीप साहू, विनोद अरोरा, जिला उपाध्यक्ष हर्षा चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री दिलीप साहू ने किया, जबकि आभार हर्षा चंद्राकर ने व्यक्त किया।

