कर्जमाफी योजना से वंचित किसानों के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए IDBI बैंक से पूरी जानकारी तलब की है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक कार्यालय में बैंक अधिकारियों और किसानों के बीच आयोजित बैठक में प्रशासन ने कर्जमाफी पाने वाले और वंचित किसानों की नामवार सूची के साथ यह भी पूछा कि किन आधारों पर कर्जमाफी का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया था।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कर्जमाफी प्रक्रिया से संबंधित सभी दस्तावेज और पात्रता के आधार उपलब्ध कराएं, ताकि शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण किया जा सके। किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि नेहरू नगर, भिलाई स्थित IDBI बैंक में केवल लगभग 20 किसानों का ही कर्ज माफ किया गया, जबकि अनेक पात्र किसानों को इससे वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैंक अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनका आरोप है कि किसानों के साथ छल हुआ है और पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जिला भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष रोहित राजपूत ने कहा कि पात्र किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक और बैंक स्तर पर समाधान नहीं निकला तो किसान न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
बैठक में प्रशासन ने बैंक से कर्जमाफी के प्रस्ताव, पात्रता के मापदंड और पूरी प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही किसानों की शिकायतों का परीक्षण कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

20 जुलाई को होगी अहम बैठक
प्रशासन ने बताया कि 20 जुलाई को जिला सहकारी बैंक के सीईओ की उपस्थिति में किसानों और बैंक अधिकारियों के बीच पुनः बैठक होगी। इस बैठक में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बैठक में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, पूर्व जनपद सदस्य डॉ. जोहन वर्मा, पंचराम साहू, भानु साहू, मनसुख साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
