दुर्ग। चिखली स्थित एसआर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक युवक की जान बचा ली। पेट के असहनीय दर्द से तड़प रहे एक युवक की आंतें हर्निया में फंस गई थीं, जिसका डॉक्टरों की टीम ने रात में ही सफल ऑपरेशन किया। समय पर इलाज मिलने से युवक के शरीर में जहर फैलने का खतरा टल गया और अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।

आंतों में रुक गया था खून का बहाव
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, युवक को अचानक पेट में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उसे बेहद गंभीर हालत में देर रात आपातकालीन (इमरजेंसी) वार्ड में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवक की आंतें हर्निया में बुरी तरह फंस चुकी हैं, जिससे वहां खून का प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) पूरी तरह बंद हो गया था। रक्तसंचार रुकने के कारण पेट के उस हिस्से में गैंग्रीन (मांस का सड़ना) बन चुका था, जो जानलेवा साबित हो सकता था।


चेयरमैन की तत्परता से आधी रात को जुटी टीम
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसआर हॉस्पिटल एंड कॉलेज के चेयरमैन संजय तिवारी ने आधी रात को ही मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत डॉक्टरों की पूरी टीम को एक्टिव किया और सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए। डॉक्टरों ने बताया कि अगर चेयरमैन समय पर पूरी मेडिकल टीम को तैनात नहीं करते, तो मरीज के पूरे शरीर में गैंग्रीन का जहर फैल सकता था।गैंग्रीन को काटकर अलग किया, मरीज अब सुरक्षितइसके बाद डॉक्टरों की विशेष टीम, जिसमें सर्जन डॉ. नीरज भुसखरे, डॉ. अश्विनी शुक्ला, डॉ. अपूर्वा अग्रवाल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रंजन सेन गुप्ता शामिल थे, उन्होंने फौरन ऑपरेशन शुरू किया। डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर पेट के प्रभावित हिस्से से गैंग्रीन को काटकर सुरक्षित अलग कर दिया। सफल ऑपरेशन के बाद युवक को तेज दर्द से राहत मिल गई है और वह तेजी से रिकवर हो रहा है।

