दुर्ग/रायपुर। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा कर दी है। महासंघ द्वारा जारी पत्र के अनुसार 2 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में जनपद स्तर पर धरना-प्रदर्शन एवं रैली निकाली जाएगी, जबकि 4 जुलाई 2026 को रायपुर में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

महासंघ ने बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर मनरेगा एवं बी.वी.जी.आर.पी.जी. कर्मियों की समस्याओं के निराकरण की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

कर्मचारी महासंघ की प्रमुख मांगों में सभी मनरेगा एवं बी.वी.जी.आर.पी.जी. कर्मियों का नियमितीकरण, नियमितीकरण तक मानव संसाधन नीति के माध्यम से सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा ग्राम रोजगार सहायकों को पूर्व व्यवस्था की तरह मानदेय के स्थान पर संविदा व्यवस्था में शामिल करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

महासंघ ने सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों से आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों से कर्मचारियों को 2 से 4 जुलाई तक अवकाश स्वीकृत करने की मांग भी की गई है।
महासंघ का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।

