दुर्ग के पदमनाभपुर क्षेत्र स्थित शकुंतला नगर में एक मकान में करीब 50 पालतू कुत्ते रखे जाने का मामला सामने आया है। रहवासियों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करते हुए बताया कि बड़ी संख्या में कुत्तों को एक ही मकान में रखा गया है और उन्हें अक्सर बिना निगरानी के बाहर छोड़ दिया जाता है, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है।

बुधवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे शकुंतला नगर के लोगों ने बताया कि कुत्तों के झुंड कई बार राहगीरों और मवेशियों पर हमला कर चुके हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस संबंध में पहले थाना पदमनाभपुर में भी लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और एसडीएम दुर्ग को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

25 साल बाद भी नहीं मिली पट्टे की जमीन
भिलाई की एक विधवा महिला ने जनदर्शन में शिकायत करते हुए बताया कि वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उसके और उसके दिवंगत पति के नाम पर भू-स्वामित्व पट्टा जारी हुआ था, लेकिन आज तक जमीन का वास्तविक स्थान ही नहीं बताया गया। वर्तमान में बीएसपी क्वार्टर में रहने वाली महिला ने जमीन का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने और मकान निर्माण की अनुमति देने की मांग की। कलेक्टर ने तहसील नजूल को कार्रवाई के निर्देश दिए।

बोरसी फोरलेन पर नया विवाद
बोरसी क्षेत्र के रहवासियों ने प्रस्तावित फोरलेन सड़क की चौड़ाई 22 मीटर के बजाय 20 मीटर रखने की मांग की। उनका कहना है कि महाराजा चौक से बोरसी चौक तक अधिकांश हिस्सों में सड़क 20 मीटर मानक के अनुसार बनाई जा रही है, जबकि एक हिस्से में 22 मीटर चौड़ीकरण से निजी संपत्तियां प्रभावित होंगी। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर कार्रवाई की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। जनदर्शन में कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
