भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से कथित स्क्रैप चोरी और अवैध परिवहन के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी तेजराम निषाद उर्फ दद्दू को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

पुलिस के अनुसार 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर हथखोज स्थित एके ट्रेडर्स में छापेमारी की गई थी। जांच के दौरान हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग लोड मिली थी। मौके पर बड़े पैमाने पर स्क्रैप का भंडारण भी पाया गया था। जांच में सामने आया कि फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ लेकर बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध परिवहन और विक्रय किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री जब्त की थी, जिसकी कीमत लगभग 90 लाख रुपए आंकी गई थी। इसके अलावा परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन एवं मशीनरी सहित कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी।

हाईवा चालक की भूमिका आई सामने
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी तेजराम निषाद उर्फ दद्दू की भूमिका स्क्रैप के अवैध परिवहन में सामने आई है। आरोपी हाईवा चालक के रूप में इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान उसकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अभी और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच के दायरे में कई अन्य लोग भी हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और करोड़ों रुपए के स्क्रैप बरामदगी ने बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद बीएसपी प्रबंधन को भी जवाब देना पड़ा था। अब तक की जांच यह संकेत दे रही है कि स्क्रैप चोरी का यह मामला संगठित नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।

