आपातकाल की बरसी पर प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर साधा निशाना, लोकतंत्र और संविधान पर रखे विचार
दुर्ग। आपातकाल की बरसी के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक सुनील सोनी ने वर्ष 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में लागू आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा था।

विधायक सुनील सोनी ने कहा कि तत्कालीन परिस्थितियों में देशभर में राजनीतिक विरोध और जनआंदोलनों के बीच आपातकाल लागू किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां हुईं तथा राजनीतिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया गया।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ा और मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई। समाचार पत्रों और पत्रकारिता पर नियंत्रण को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती बताया गया।


उन्होंने कहा कि देश को लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की भावना और नागरिक अधिकारों के संरक्षण के प्रति लगातार सजग रहने की आवश्यकता है। इस दौरान आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चर्चा की गई।
