फर्जी भूमि पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र के जरिए आवास ऋण हासिल करने की कोशिश करने वाले एक आरोपी को दुर्ग के रानीतराई पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले का खुलासा ग्राम पंचायत की शिकायत और दस्तावेजों की जांच के दौरान हुआ।


पुलिस के अनुसार ग्राम तेलीगुंडरा की सरपंच हुलेश्वरी साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के धनेश्वर कुमार निर्मलकर (40) ने करीब 1800 वर्गफुट भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में होम लोन के लिए आवेदन किया है। जांच के दौरान पंचायत के अभिलेखों का मिलान किया गया, जिसमें सामने आया कि संबंधित पट्टा और प्रमाण पत्र कभी जारी ही नहीं किए गए थे। दस्तावेजों पर लगी मुहर और प्रमाणन भी फर्जी पाए गए। पुलिस ने वित्तीय संस्था से आरोपी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की प्रतियां हासिल कीं। संस्था ने आंतरिक जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी पकड़ ली थी, जिसके चलते आरोपी का आवास ऋण आवेदन पहले ही निरस्त कर दिया गया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद रानीतराई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।


फर्जी दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी भूमि पट्टा, फर्जी पंचायत प्रमाण पत्र और ऋण आवेदन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय या वित्तीय लाभ लेने का प्रयास न करें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
