जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। दुर्ग में अब पंजीयन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक हाईटेक, तेज और पारदर्शी होने जा रही है। प्रदेश में पंजीयन सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में दुर्ग में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से संचालित होगी और पंजीयनार्थियों को कई सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।

सबसे खास बात यह है कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में भूमि पंजीयन के साथ ही राजस्व अभिलेखों में खरीदार का नाम स्वतः दर्ज करने की सुविधा यानी Auto-Mutation उपलब्ध रहेगी। इससे नागरिकों को अलग से नामांतरण के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। यानी जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया के लिए अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

15 से 20 मिनट में पूरी होगी रजिस्ट्री की प्रक्रिया
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां पंजीयन की पूरी प्रक्रिया लगभग 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी। कार्यालय में ई-अपॉइंटमेंट, डिजिटल फोटोग्राफी, डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक सत्यापन, उच्च गुणवत्ता वाली दस्तावेज स्कैनिंग और सुरक्षित डिजिटल अभिलेखीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे दस्तावेजों की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और डिजिटल तरीके से पूरी की जा सकेगी।

रजिस्ट्री की प्रमाणित कॉपी सीधे WhatsApp पर
नई व्यवस्था में पंजीयन के बाद दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान होगी। पंजीकृत दस्तावेज की प्रमाणित प्रति सीधे WhatsApp पर प्राप्त की जा सकेगी। इससे नागरिकों को दस्तावेज की कॉपी के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। वहीं, स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का भुगतान भी कैशलेस तरीके से किया जा सकेगा। इसके लिए UPI, नेट बैंकिंग और कार्ड से भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी।

जमीन खरीदते ही नामांतरण की प्रक्रिया होगी आसान
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में Auto-Mutation को माना जा रहा है। वर्तमान में जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नई व्यवस्था में भूमि पंजीयन के साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में खरीदार का नाम स्वतः दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे नागरिकों के समय और श्रम की बचत होगी तथा पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया को लेकर होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।
AC प्रतीक्षालय से लेकर हेल्प डेस्क तक की सुविधा
नागरिकों की सुविधा के लिए स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में आधुनिक सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। यहां वातानुकूलित एवं सुव्यवस्थित प्रतीक्षालय, डिजिटल टोकन प्रणाली, हेल्प डेस्क, निःशुल्क वाई-फाई, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा कार्यालय में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था होगी। दिव्यांगजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक अनुकूल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
दुर्ग संभाग के नागरिकों को मिलेगा फायदा
जिला पंजीयक सुश्री प्रियंका श्रीरंगे के अनुसार, स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के शुरू होने से दुर्ग संभाग के नागरिकों को तकनीक आधारित, त्वरित और पारदर्शी पंजीयन सेवाओं का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को नागरिकों के लिए अधिक सरल और सुविधाजनक बनाना है। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ 3 अगस्त को किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव करेंगे। वहीं वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
नई व्यवस्था के जरिए सरकार पंजीयन सेवाओं में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। खासकर Auto-Mutation, WhatsApp पर प्रमाणित दस्तावेज और कैशलेस भुगतान जैसी सुविधाएं आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती हैं।
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय की खास सुविधाएं
15 से 20 मिनट में पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
ई-अपॉइंटमेंट की सुविधा
डिजिटल फोटोग्राफी और डिजिटल हस्ताक्षर
बायोमेट्रिक सत्यापन
दस्तावेजों की हाई क्वालिटी स्कैनिंग
सुरक्षित डिजिटल अभिलेखीकरण
WhatsApp पर प्रमाणित दस्तावेज की प्रति
UPI, नेट बैंकिंग और कार्ड से कैशलेस भुगतान
भूमि पंजीयन के साथ Auto-Mutation की सुविधा
डिजिटल टोकन प्रणाली और हेल्प डेस्क
AC प्रतीक्षालय और निःशुल्क Wi-Fi
CCTV निगरानी
दिव्यांगजन के लिए अनुकूल सुविधाएं
